Tuesday, 3 January 2012

RAMAN BHAI KA PAISA

रमन भाई को पता चला की उसके एकाउंटेंट ने उसे ६० करोड़ का चुना लगाया है.
एकाउंटेंट गूंगा और बहरा था. उसे नौकरी पर इसलिये लगाया था की बहरा होने के कारण कभी कोई राज़ की बात सुन नहीं सकेगा, और गूंगा होने के कारण कभी कोर्ट में उसके खिलाफ गवाही नहीं दे सकेगा.
रमन भाई को गूंगे-बहारो के इशारो की समझ नहीं थी इसलिये पूछताछ के लिए अपने दाहिने हाथ “भीखू ” को ले गया जिसे इशारो की समझ थी.
रमन भाई ने एकाउंटेंट से पूछा “बता तुने जो मेरे ६० करोड़ उडाये है वो कहाँ छुपा रखे है?”
भीखू ने इशारो में एकाउंटेंट से पुछा उसने पैसे कहाँ छुपाये.
एकाउंटेंट ने इशारे में कहाँ : “मैं कुछ नहीं जानता तुम किं पैसो की बात कर रहे हो”
भीखू ने रमन भाई से कहा: “भाई बोल रहा वो कुछ नहीं जानता हम किं पैसो की बात कर रहे है.”
रमन भाई को गुस्सा आ गया और पिस्तौल एकाउंटेंट की कनपट्टी पर रखकर बोला “अब फिर पूछ!”
भीखू ने इशारों में एकाउंटेंट को कहा: “तुने अगर नहीं बताया और भाई ने घोडा दबा दिया तो समझ ले तेरी वाट लग जायेगी!”
एकाउंटेंट ने डरकर इशारे किये: “अच्छा! में बताता हूँ! मैंने पैसे मेरे चचेरे भाई संतु के घर के पिछवाड़े में गाड़ दिए थे!”
रमन भाई ने पूछा: “क्या बोलता है भीखू ?”
भीखू ने जवाब दिया: “भाई… बोलता है… की आपमें हिम्मत नहीं की उसे गोली मार सके!!”




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